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dashhara ( दशहरा )

 दशहरा

दुष्ट सज्जन से, सदा हरा 

जैसे रावण, राम से मरा 

इसी लिए, मेरे यारों हम 

मनाते है, हर साल दशहरा 

प्रदीप कछावा 

7000561914

prkrtm36@gmail.com



Dussehra


From the wicked gentleman, always green

Like Ravana died from Rama

That's why my friends

Celebrates Dussehra every year

Pradeep Kachhawa

7000561914

prkrtm36@gmail.com




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lyrics on kachhawa family kachhawa pariwar par gaana ya geet

कछावा परिवार  सुन्दर प्यारा, कछावा परिवार हमारा  सबसे न्यारा,  कछावा परिवार हमारा       एक-दूसरे से लड़ते हे, हम सब   दिल से प्यार करते हे, हम सब   कछावा परिवार नहीं, कभी किसी से हारा  ये हे जीनगर समाज की ,आँखों का तारा  यहाँ दारू के साथ-साथ, बहतीं हे प्रेम की धारा  सुन्दर प्यारा, कछावा परिवार हमारा   सबसे न्यारा,  कछावा परिवार हमारा    कछावा परिवार में हे, एक से एक धुरंधर  हो जाती चहल-पहल, ये जाते हे उस घर  सात भाईयों का हे, ये परिवार  दिल से जुड़ा हे, एक दूसरे का तार  कछावा परिवार से, हर कोई हारा  सुन्दर प्यारा, कछावा परिवार हमारा  सबसे न्यारा,  कछावा परिवार हमारा  दो बहनें और सात हे भाई  पार्वती देवी हे, इनकी माई  कछावा  परिवार में हे, बहुत सारे बच्चे  सभी प्यारे-प्यारे और दिल के हे सच्चे  कछावा  परिवार का, एक ही नारा  सुन्दर प्यारा,  कछावा   परिवार हमारा  बहुत दिनों बाद कही,  कछावा   परिवार मिलता हे  फिर वहा तो, पूरा मोहल्ला हिलता हे  इसमें हे, एक से बढ़कर एक हीरो  ये बना देते हे, अच्छे -अच्छे को जीरो

lyrics on sad ; gum par gaana ya geet

गम  इस जिंदगी में हे, सभी को कई गम  ये होते नहीं हे, जिंदगी में कभी कम  एक गम, ना भुला पायेंगा  तो दूसरा गम, चला आयेंगा  और दूसरा गम ना, भुला पायेंगा  तो तीसरा गम, चला आयेंगा  ये सिलसिला ना होगा, कभी कम  इस जिंदगी में हे, सभी को कई गम  ये होते नहीं हे, जिंदगी में कभी कम  क्यों तू, हमेशा सोचता रहता हे  दिल ही दिल में, क्या कहता हे  क्यों तू, इतना गम सहता हे  कब आएंगे अच्छे दिन, ये दिल कहता हे  जिंदगी में हार के ना हो, कभी हिम्मत कम इस जिंदगी में हे, सभी को कई गम  ये होते नहीं हे, जिंदगी में कभी कम  किसी को बीमारी का, किसी को बेरोजगारी का, हे गम  इस गम को ,भुलाने के लिए, तू मत पी यार रम  खुश रहकर तू कर , अपने पर  रहम  हौसला , हिम्मत और रखना तू दम दुनिया के है बड़े, कठोर ये नियम  इस जिंदगी में हे, सभी को कई गम  ये होते नहीं हे, जिंदगी में कभी कम  रखना पड़ेगी तुझे शांति और संयम  क्योंकि जीवन का यही है , आलम  अभी परिस्थितियां है, बहुत ही विषम  जिंदगी का रास्ता है, बहुत ही दुर्गम 

BFRC

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