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tere saath bitaye pal yaad aate he,miss the moments spent with you

वो तेरे साथ बिताए, पल याद आते हैं 

वो मीठे पल भूले , भुलाए नहीं जाते हैं 

सुकून मिलता हैं , उन पलों को याद करके 

क्योंकि वो पल, आज भी उतनी ही ख़ुशी लातें है 

प्रदीप कछावा 

7000561914,prkrtm36@gmail.com

He remembers the moments he spent with you
Those sweet moments are not forgotten
I get relief by remembering those moments
Because that moment brings the same happiness today
Pradeep Kachhawa
7000561914,prkrtm36@gmail.com

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lyrics on kachhawa family kachhawa pariwar par gaana ya geet

कछावा परिवार  सुन्दर प्यारा, कछावा परिवार हमारा  सबसे न्यारा,  कछावा परिवार हमारा       एक-दूसरे से लड़ते हे, हम सब   दिल से प्यार करते हे, हम सब   कछावा परिवार नहीं, कभी किसी से हारा  ये हे जीनगर समाज की ,आँखों का तारा  यहाँ दारू के साथ-साथ, बहतीं हे प्रेम की धारा  सुन्दर प्यारा, कछावा परिवार हमारा   सबसे न्यारा,  कछावा परिवार हमारा    कछावा परिवार में हे, एक से एक धुरंधर  हो जाती चहल-पहल, ये जाते हे उस घर  सात भाईयों का हे, ये परिवार  दिल से जुड़ा हे, एक दूसरे का तार  कछावा परिवार से, हर कोई हारा  सुन्दर प्यारा, कछावा परिवार हमारा  सबसे न्यारा,  कछावा परिवार हमारा  दो बहनें और सात हे भाई  पार्वती देवी हे, इनकी माई  कछावा  परिवार में हे, बहुत सारे बच्चे  सभी प्यारे-प्यारे और दिल के हे सच्चे  कछावा  परिवार का, एक ही नारा  सुन्दर प्यारा,  कछावा   परिवार हमारा  बहुत दिनों बाद कही,  कछावा   परिवार मिलता हे  फिर वहा तो, पूरा मोहल्ला हिलता हे  इसमें हे, एक से बढ़कर एक हीरो  ये बना देते हे, अच्छे -अच्छे को जीरो

lyrics on sad ; gum par gaana ya geet

गम  इस जिंदगी में हे, सभी को कई गम  ये होते नहीं हे, जिंदगी में कभी कम  एक गम, ना भुला पायेंगा  तो दूसरा गम, चला आयेंगा  और दूसरा गम ना, भुला पायेंगा  तो तीसरा गम, चला आयेंगा  ये सिलसिला ना होगा, कभी कम  इस जिंदगी में हे, सभी को कई गम  ये होते नहीं हे, जिंदगी में कभी कम  क्यों तू, हमेशा सोचता रहता हे  दिल ही दिल में, क्या कहता हे  क्यों तू, इतना गम सहता हे  कब आएंगे अच्छे दिन, ये दिल कहता हे  जिंदगी में हार के ना हो, कभी हिम्मत कम इस जिंदगी में हे, सभी को कई गम  ये होते नहीं हे, जिंदगी में कभी कम  किसी को बीमारी का, किसी को बेरोजगारी का, हे गम  इस गम को ,भुलाने के लिए, तू मत पी यार रम  खुश रहकर तू कर , अपने पर  रहम  हौसला , हिम्मत और रखना तू दम दुनिया के है बड़े, कठोर ये नियम  इस जिंदगी में हे, सभी को कई गम  ये होते नहीं हे, जिंदगी में कभी कम  रखना पड़ेगी तुझे शांति और संयम  क्योंकि जीवन का यही है , आलम  अभी परिस्थितियां है, बहुत ही विषम  जिंदगी का रास्ता है, बहुत ही दुर्गम 

BFRC

  बीएफआरसी हम सब है, बीएफआरसीयन हमारा ग्रूप है , बीएफआरसी बिछडे , 22 बरस हो गये है दिल मै लगे , एक यादगारसी साथ-साथ , खेले-कूदे हम सब हमारी दोस्ती लगे , एक यारसी 2 साल , साथ-साथ रहे हम सब एह्सास होने लगा , एक परिवारसी पीटी और खेलो मै भागे-दौडे हम हमारी रफ्तार थी , एक कारसी 5 राज्यो के , हम सब साथी थे हमारी दोस्ती थी , दमदारसी 2000 , स्टाईफंड मिलता था पर खर्च करने मै , दिलदारसी सीधे-साधे , दिखते थे हम सब पर हमारी आवाज थी , नाहरसी खूब पिक्चर , देखते थे हम पिक्चर लगती थी , बडी प्यारसी कभी-कभी , बीएफआरसीयन मे हो जाती थी , एक तकरारसी घरवालो की , बहुत याद आती पर बीएफआरसी , लगता था घरबारसी भूख बडी , जोरदार लगती थी होने लगती थी , बडी बेकरारसी टेनिंग कब खत्म होगी यही रहती थी , एक इंतज़ारसी टेनिंग खत्म हुवी , बिछडने की बारी आई तो दिल मे लगी , गम की मारसी ऐसा था हमारा , बीएफआरसी ऐसा था हमारा , बीएफआरसी प्रदीप कछावा बीएफआरसीयन Prkrtm36@gmail.com 7000561914