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Showing posts with the label Pradeep Kachhawa

lyrics on corona virus ( corona par gaana ya geet )

कोरोना    अरे आया रे आया ये कोरोना    इसे मत समझो तुम खिलौना  अरे आया रे आया ये कोरोना  इसे मत समझो तुम खिलौना  दुनिया पर ये कैसा संकट आया  चारों तरफ डर का माहौल छाया  इंसान इंसान से डरने लगा है  कोरोना से इंसान मरने लगा है घर पर ही अब तुम रहोना  अरे आया रे आया ये कोरोना  इसे मत समझो तुम खिलौना  कोरोना दुनिया में फ़ैल गया है  दुनिया वालों से ये खेल गया है  किसी से तुम अभी ना मिलोना  नहीं तो फिर तुम्हें पडेगा रोना  तुम साफ-सफाई तो रखोना अरे आया रे आया ये कोरोना  इसे मत समझो तुम खिलौना  सभी लोगों को हमे जगाना है  कोरोना को तो हमें भगाना है  हमें नहीं अपनों को खोना है  कोरोना बहुत ही घिनोना है  कोरोना को कण्ट्रोल तो करोना  अरे आया रे आया ये कोरोना  इसे मत समझो तुम खिलौना  प्रदीप कछावा  7000561914 prkrtm36@gmail.com

lyrics on sad ; gum par gaana ya geet

गम  इस जिंदगी में हे, सभी को कई गम  ये होते नहीं हे, जिंदगी में कभी कम  एक गम, ना भुला पायेंगा  तो दूसरा गम, चला आयेंगा  और दूसरा गम ना, भुला पायेंगा  तो तीसरा गम, चला आयेंगा  ये सिलसिला ना होगा, कभी कम  इस जिंदगी में हे, सभी को कई गम  ये होते नहीं हे, जिंदगी में कभी कम  क्यों तू, हमेशा सोचता रहता हे  दिल ही दिल में, क्या कहता हे  क्यों तू, इतना गम सहता हे  कब आएंगे अच्छे दिन, ये दिल कहता हे  जिंदगी में हार के ना हो, कभी हिम्मत कम इस जिंदगी में हे, सभी को कई गम  ये होते नहीं हे, जिंदगी में कभी कम  किसी को बीमारी का, किसी को बेरोजगारी का, हे गम  इस गम को ,भुलाने के लिए, तू मत पी यार रम  खुश रहकर तू कर , अपने पर  रहम  हौसला , हिम्मत और रखना तू दम दुनिया के है बड़े, कठोर ये नियम  इस जिंदगी में हे, सभी को कई गम  ये होते नहीं हे, जिंदगी में कभी कम  रखना पड़ेगी तुझे शांति और संयम  क्योंकि जीवन का यही है , आलम  अभी परिस्थितियां है, बहुत ही विषम  जिंदगी का रास्ता है, बहुत ही दुर्गम